दिनांक 9 फरवरी 2025 को जनपद बहराइच में उद्यान विभाग उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अयोजित की गई “भारत – नेपाल अनुराष्ट्रीय सीमावर्ती” जनपदों में फल, सब्जी, औषधि एवं पुष्प फसल के “उत्पादन संवर्धन एवं विप्राण संबंधि विचार गोष्ठी” अयोजित की गई जिसमें प्रतिभाग करने का अवसर मिला।
इस गोष्ठी के आयोजन स्थल में ” संघर्ष फाउंडेशन ” जिसको “देहात संस्था” के माध्यम से प्रोत्शाहित किया गया है. इस फाउंडेशन में कार्यरत स्टाफ, पदधिकारी एवं “देहात संस्था” के प्रतिनिधियों से विचार विर्मश किया गया. इस कर्म में “संघर्ष फाउंडेशन” की प्रतिनिधि श्रीमती अनार कली जी से थारू समुदाय द्वारा निर्मित की जाने वाली मूंज घास से उत्पादित टोकरीयों के बारे में चर्चा एवं परिचर्चा की गई। इन टोकरीयों को डिज़ाइन, फिनिशिंग एवं व्यावसायिक कार्यों हेतु सुझाव दिए गए व उत्तराखंड में थारू जनजाति की महिला संगठन की श्रीमती सुमन के साथ टेलीफोनिक वार्ता कराई गई, जिसमें लगभग 10 मिनट तक आदान-प्रदान किया गया। इस कदम के फलस्वरूप थारू जनजाति की दोनों महिला प्रतिनिधियों का आपस में समन्वय करने हेतु जानकारी का आदान-प्रदान हेतु “देहात संस्था” के प्रतिनिधि श्री दिव्यांशु को भी अवगत कराया गया और फोन नंबर उपलब्ध कराए गए।
“यह आशा की जाती है कि मूंज घास से बनने वाले विभिन्न उत्पादों के उत्पादन गुणवत्ता वृद्धि व विपणन हेतु उत्तर प्रदेश सरकार के संबंधित विभागों एवं उद्यान विभाग के द्वारा इसमें विशेष रुचि लेकर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।